शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

।। किसान की कहानी।।

किसान की कहानी, मिट्टी है उसका बचपन, फसल उसकी जवानी।
कर्ज उसका बुढापा, सरकार उसकी लाचारी।।
किसान की कहानी, पसीना उसका मिट्टी का खून-पानी , अन्न अमृत का पानि।
किसान की कहानी, दाल भात खाना गुदड़ी ओढ सो जाना।
लाचारी का मातम, मौसम की मेहरबानी।।
किसान की कहानी, भारतवर्ष का आन-बान, मान-सम्मान है किसान।
सरकार खरपतवार किसान महान।।
सियासी अखाड़े का पहलवान है किसान।
मेरे घर के मंदिर का भगवान है किसान।।
किसान की कहानी, हिन्दू मुस्लिम, सिख ईसाई, हिन्दुस्तान है किसान।
आज धरती माँ के आँचल में बेबस और लाचार है किसान।।
जय जवान जय किसान।।

शनिवार, 17 नवंबर 2018

मैं और मेरा वक्त

एहसान होगा तेरा ए वक्त अगर, मुझे मेरे वक्त से मिला दे ।
वक्त ने कहा तू बडा भोला है।
मैने कहा तू बडा बडबोला है।।
जब दुनिया न थी तब भी तू था,
मगर इतना बता तू क्या माँ से,
पहले आया।
वक्त थोडा घबड़ाया, और कहने
लगा दुनिया में सबकुछ मैने बनाया।
मैने कहा, मैं भोला-भाला ही सही
मुझे मेरी माँ ने तुझ जैसा रंग बदलना न सिखाया।
शुक्रिया मेरे वक्त, तू मिले या न मिले,
पर मेरी माँ ने वक्त पर मेरा,
वक्त बताया।
वक्त थोडा ठहरा, और कहने लगा
एहसान होगा मुझ पर तेरा अगर,
तू मुझे माँ से मिला दे ।।
मैने वक्त से कहा, तू मेरा हर एक वक्त मेरी माँ का बना दे ।।

पेपर लीक का असली जिम्मेदार कौन?, शिक्षा व्यवस्था या सिस्टम?

भारतीय शिक्षा व्यवस्था: बदलाव, चुनौतियां और सुधार की आवश्यकता भारत की शिक्षा व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं और आगे भी होत रहने च...