बुधवार, 21 जनवरी 2026

मानव के आधार एवं उद्देश्य



 जर, जोरू और जमीन" एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि दुनिया के ज़्यादातर झगड़े और विवाद धन (जर), स्त्री (जोरू) और भूमि (जमीन) के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जो व्यक्ति के जीवन के तीन मुख्य आधार होते हैं और अक्सर इनके लिए संघर्ष होता है। लेकिन इससे भी बढ़कर तीन मुख्य उद्देश्य है, सत्ता, धर्म और मानवता जिसकी वजह से दुनिया कायम है। और वर्तमान में इसीलिए हम धन (जर), स्त्री (जोरू) और भूमि (जमीन) जैसे प्रतिष्ठा और ऐश्वर्य के लिए धर्म और मानवता का बलिदान करके सत्ता स्थापित करने में लगे हुए हैं। अंततः परिणाम स्वरूप महाभारत और रामायण की पुनरावृत्ति के माध्यम से फिर से धर्म और मानवता को स्थापित करना पड़ता है। अरे बैल बुद्धि मूर्ख इंसान जब धर्म और मानवता की सत्ता रहेगी तभी तुम इन तीन आधारों की ऐश्वर्य और प्रतिष्ठा को प्राप्त कर सकते हो, यही श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों का उपदेश एवं आदेश है। उद्देश्य सिद्ध करो प्रतिष्ठा और ऐश्वर्य का आधार अपने आप मिल जाएगा।



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