शनिवार, 13 अप्रैल 2019

।। ये कलम है ।।

कलम शब्दों के संसार में कागज़ की धरती पे बहती जिंदगी की स्याही है।

कलम का फ़क़ीर कह रहा है ये कलम है संसार का पहला और आखिरी हथियार, जिंदगी का प्रारम्भ और अंत।

निर्जीव भी सजीव भी आविष्कार कर्ता की निर्माण-कर्ता है या निर्माण-कर्ता की आविष्कारक।

संसार का पहला जीव सजीव है या निर्जीव विज्ञान को चुनौती देता कलम का फकीर।

ये कलम है समय का राजा, रंक और यही फ़क़ीर ये कलम है संसार का वर्तमान, भूत और यही भविष्य।

ये कलम है मानव का ज्ञान-विज्ञान और तकदीर, ये कलम है संसार का शून्य और शिखर यही।

ये कलम है शब्दों के संसार में कागज़ की धरती पे बहती जिंदगी की स्याही।।

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