धर्म से अधर्म का युद्ध है
लेकिन फैसला धर्म से धर्म का है,
देश से देश लड़ेंगे और होंसला देशवासियों का है,
ईमान से ईमान, बेईमान से बेईमान कब लड़ा है,
लडाई गरीबी-अमीरी से है,
कौन कहता है इंसान से इंसान लड़ा है,
जरूरत है जंग की क्योंकि आतंकवाद मिटाना है,
मत भूलो एक दिन मिट्टी को मिट्टी में मिल जाना है,
वीरगति को प्राप्त वीरों की वीरांगनाओं का,
कर्ज हमें चुकाना है,
लहू को लहुलूहान कर रंग रगो को बताना है,
क्या, कभी राम से अल्लाह, राम से राम, या अल्लाह से अल्लाह लड़ा है।
।।जय हिन्द, जय भारत, वंदेमातरम।।

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